Friday, 3 April 2015

मानपुर घाट की भटकती आत्मा

मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ने वाले आगरा-मुंबई सड़क मार्ग के बीच स्थित इस घाट को शापित माना जाता है। इस रास्ते से रोज गुजरने वाले वाहन चालकों का कहना है कि घाट में अतृप्त आत्माएँ भटकती रहती हैं, जिसके कारण दुर्घटनाएँ होती हैं। जब हमने यह सुना तो रुख किया मानपुर घाट की ओर।

घाट के मोड़ काफी घुमावदार और खतरनाक हैं। कई जगह अंधे मोड़ हैं। कुछ ही दूरी तय करने पर हमें नजर आया भेरूबाबा का मंदिर। हमने देखा कि यहाँ से गुजरने वाला लगभग हर वाहन चालक मंदिर के सामने रुककर बाबा के सामने सिर झुकाकर नमन कर रहा था।

हमने पूजा-अर्चना कर चुके ट्रक चालक पप्पू मालवीय से बातचीत करना शुरू की। पप्पू मालवीय ने बताया कि वह पिछले कई सालों से इसी रूट पर ट्रक चला रहा है। उसने यहाँ कई हादसे देखे हैं। पप्पू भेरूबाबा का अनन्य भक्त है। पप्पू का कहना है कि इस घाट में आत्माएँ भटकती रहती हैं, लेकिन भेरूबाबा के आशीर्वाद से उन्हें कभी किसी हादसे का सामना नहीं करना पड़ा। घाट पर जगह-जगह चेतावनी से भरे साइन बोर्ड लगे हैं। इनमें भेरूघाट को खतरनाक घाट बताते हुए ब्रेक चेक करने और सचेत होकर वाहन चलाने के निर्देश दिए हुए हैं।

इस घाट के वाहन चालकों के साथ सफर करते हुए हमने यह महसूस किया कि कई वाहन चालक इन खतरनाक रास्तों पर भी अपने वाहनों की रफ्तार पर काबू नहीं रखते। भेरूबाबा के एक अन्य भक्त ट्रक चालक विष्णुप्रसाद गोस्वामी अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर बताते हैं कि यह मंदिर सालों पहले से यहाँ स्थापित है। इस मंदिर में आने वाले अनेक लोग ऐसे भी हैं, जो भूत-प्रेत के अस्तित्व को नहीं मानते, लेकिन मंदिर में श्रद्धा से सिर झुकाते हैं। इस बातचीत के बाद जब हम मानपुर घाट से लौट रहे थे तो हमें घाट के किनारे एक ट्रक पलटा हुआ दिखा। ट्रक ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे की जाँच कर रही पुलिस टीम का कहना था यहाँ अकसर ऐसा होता है।

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